BackBack

Anarkali - Imtiyaz Ali Taj

by Imtiyaz Ali Taj

Rs 249.00

Description
तारीख़ी एहमीयत से क़त-ए-नज़र, ड्रामा "अनार कली" इम्तियाज़ अली ताज के फ़न्नी उरूज और उर्दू ज़बान की दिलफ़रेब अदबीयत का ख़ूबसूरत इमतिज़ाज है। ख़ूबी-ए-ज़बान, बंदिश-ए-अल्फ़ाज़, चुस्त मुकालमात और बरजस्तगी जैसे ड्रामाई लवाज़मात ने इस तख़लीक़ में एक शान, एक वक़ार और सर-बुलंदी पैदा की है। ख़ुद इम्तियाज़ अली ताज कहते हैं "मेरे ड्रामे का ताल्लुक़ महज़ रिवायत से है। बचपन से अनार कली की कहानी के सुनते रहने से हुस्न-ओ-इश्क़, नाकामी-ओ-नामुरादी का जो ड्रामा मेरे तख़य्युल ने मुग़्लिया हरम के शान-ओ-शौकत में देखा, ये उस का इज़हार है"