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Description

Author: Dubey, Divya Prakash

Languages: hindi

Number Of Pages: 160

Binding: Paperback

Package Dimensions: 7.8 x 5.1 x 0.4 inches

Release Date: 22-11-2021

Details: Product Description दो दोस्त, जो ढूँढ़ने चले हैं कि कविता आख़िर कहाँ से आती है। एक छोटे शहर की सुपर मॉम, जो रोज़ टीवी पर आने का सपना देखती है। भोपाल की वो लड़की, जो अब भी अपने मुंबई के पेन फ़्रेंड को हाथ से लिखी चिट्ठियाँ भेजती है। एक मॉडल, जिसका एक गाना हिट होने के बाद सब कुछ फ़्लॉप हो गया। देहरादून में रहने वाला डाकिया, जो शहर का सबसे अच्छा ऐक्टर है। लखनऊ की पुरानी हवेली में रहने वाले ज़िंदा लोग, जिनको लोगों ने भूत मानकर छोड़ दिया है। द्रौपदी, जिसने पाँच भाइयों में बँटने से मना कर दिया था। गौतम बुद्ध, जो अगर घर लौट गए होते तो क्या होता! दिव्य प्रकाश दुबे की ये 16 कहानियाँ, अलग-अलग शहरों में रहने वाले आम और ख़ास दोनों तरह के लोगों को नए शेड में दिखाने की कोशिश करती हैं। वे लोग, जो अपनी आधी-अधूरी हसरतों के साथ भी पूरे हैं। About the Author दिव्य प्रकाश दुबे ने पाँच बेस्ट सेलर किताबें— ‘शर्तें लागू’, ‘मसाला चाय’, ‘मुसाफ़िर Cafe’, ‘अक्टूबर जंक्शन’ और ‘इब्नेबतूती’—लिखी हैं। ‘स्टोरीबाज़ी’ नाम से कहानियाँ सुनाते हैं। दिव्य प्रकाश आवाज़ की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम बन चुके हैं। Audible के लिए ‘पिया मिलन चौक’, ‘दिल लोकल’ और ‘दो दुनी प्यार’ जैसे मशहूर शो प्रस्तुत कर चुके हैं। दस साल कॉरपोरेट दुनिया में मार्केटिंग तथा एक लीडिंग चैनल में कंटेंट एडिटर के रूप में कुछ साल माथापच्ची करने के बाद अब वह एक फ़ुलटाइम लेखक हैं। मुंबई में रहते हैं। कई नए लेखकों के साथ ‘रायटर्स रूम’ के अंतर्गत फ़िल्म, वेब सीरीज़ और ऑडियो शो विकसित करते हैं।