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Aamader Shantiniketan

by Shivani

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Rs 125.00 Rs 112.50
Description
कथाकार और उपन्यासकार के रूप में शिवानी की लेखनी ने स्तरीयता और लोकप्रियता की खाई को पाटते हुए एक नई जमीन बनाई थी जहाँ हर वर्ग और हर रुचि के पाठक सहज भाव से विचरण कर सकते थे ! उन्होंने मानवीय संवेदना और सम्बन्धगत भावनाओं की इतने बारीक और महीन ढंग से पुनर्रचना की कि वे अपने समय में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले लेखकों में एक होकर रहीं ! कहानी, उपन्यास के अलावा शिवानी ने संस्मरण और रेखाचित्र आदि विधाओं में भी बराबर लेखन किया ! अपने संपर्क में आए व्यक्तियों को उन्होंने करीब से देखा, कभी लेखक की निगाह से तो कभी मनुष्य की निगाह से, और इस तरह उनके भरे-पूरे चित्रों को शब्दों में उकेरा और कलाकृति बना दिया ! इस पुस्तक में गुरूपल्ली, गुरुदेव की कर्मभूमि, शान्तिनिकेतन की गुरुपल्ली, आश्रम के पर्व, कुछ महत्त्पूर्ण उत्सव, आश्रम के विकास में गुरुदेव का योग, गांधीजी और गुरुदेव, अनेक विभूतियों का आगमन, श्रीनिकेतन का मेला, खेलकूद और मनोरंजन, आश्रमवासियों के लिए गुरुदेव के गीत, छात्रों का अतिथि-प्रेम, गुरुदेव की आत्मीयता, सादा पर कलापूर्ण रहन-सहन, गुरुर्ब्रह्मा, ओ रे गृहवासी, तुई जे पुरुष मानुष रे!, आश्रम पर काले बदल शीर्षक निबंध शामिल हैं जिनका सम्बन्ध लेखिका के शान्तिनिकेतन प्रवास से है ! आशा है, शिवानी के कथा-साहित्य के पाठको को उनकी ये रचनाएँ भी पसंद आएँगी !