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Aameen

by Alok Srivastava
Original price ₹ 299.00
Current price ₹ 269.00
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Product Description
आलोक श्रीवास्तव के पहले और बहुचर्चित गज़ल-संग्रह ‘आमीन’ का यह पाँचवाँ संस्करण है। पन्नों के कैनवस पर शब्दों के रंग बिखेरने में माहिर आलोक नए दौर और आम फहम ज़बान के शायर हैं। उन्होंने काव्य की हर विधा में निपुणता का परिचय देते हुए कहीं किसी सूफियाना खय़ाल को सिर्फ एक दोहे में समेट देने के हुनर से रू-ब-रू कराया तो कहीं वे ‘अम्मा’ और ‘बाबूजी’ से जुड़े संजीदा रिश्तों की यादों को विस्तार देते नज़र आए। आधुनिकता के इस बेरुखे दौर में उनकी रचनाएँ रिश्तों के मर्म को समझने और समझाने की विनम्र कोशिश लेकर सामने आईं। हमारे समय की आलोचना के प्रतिमान डॉ. नामवर सिंह ने उन्हें ‘दुष्यंत की परंपरा का आलोक’ कहा तो हिन्दी और उर्दू के कई जाने-माने लेखकों, समीक्षकों के साथ साहित्य-सुधियों ने भी उनके इस संग्रह को हाथों-हाथ लिया । बाज़ारवादी युग में दरकते इन्सानी रिश्तों पर लिखी आलोक की गज़लें उनके निजी अनुभवों का आईना हैं। ‘आमीन’ की कई रचनाओं में सामाजिक सरोकार के सबूत मिले जिसने आलोक को सहज ही बेदार और प्रगतिशील कवियों की कतार में ला खड़ा किया—वह कतार जो हिन्दी गज़ल और उर्दू गज़ल की खेमेबंदी से परे सिर्फ और सिर्फ गज़ल की हिफाज़त कर रही है । ‘आमीन’ के प्रथम संस्करण की भूमिका शीर्ष लेखक कमलेश्वर ने लिखी जो किसी पुस्तक पर उनकी अंतिम भूमिका के रूप में याद की जाती है और मशहूर शायर-फिल्कार गुलज़ार के पेशलफ्ज़ ने इस पर एक मुकम्मल संग्रह होने की मुहर लगाई। दो भाषाओं का पुल बनाने वाले एक नौजवान के पहले संग्रह पर हिन्दी और उर्दू के दो शिखर कलमकारों के शब्द इस बात की गवाही बने कि आलोक ने अपना अदबी इम्तेहान पूरी संजीदगी और तैयारी से दिया है जो बहुत हद तक सही साबित हुई; वहीं दूसरे संस्करण की भूमिका डॉ. नामवर सिंह ने लिखी, इस शुभकामना के साथ कि ये रचनाएँ और दूर तक पहुँचें। आमीन!