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Description

Author: Ved Prakash Kamboj

Languages: Hindi

Binding: Paperback

Release Date: 01-12-2020

Details: देवता का हार एक खानदानी बेशकीमती दुर्लभ हार फिल्म शूटिंग से रहस्यमयी ढंग से चोरी हो जाता है और रघुनाथ के माध्यम से केस विजय दी ग्रेट के पास पहुंचता है। इस उपन्यास में विजय अपने पूरे रंग में है। सस्पेंस और विजय-रघुनाथ की चुहलबाजी से लबरेज ये उपन्यास बेहतरीन है। “नीलम जासूस कार्यालय”की स्थापनालाला श्री सत्यपाल वार्ष्णेय ने आज से 60-65 साल पहले की थी। ये 1960 के दशक की एक बहुत मशहूर प्रकाशन संस्था रही है। इस संस्था ने कई दिग्गज उपन्यासकारों और लेखकों के शुरुआती दौर के उपन्यास प्रकाशित किए। इस संस्था से एक ‘नीलम जासूस’और ‘राजेश’ नाम की मासिक पत्रिकाएँ निकलती थीं। नीलम जासूस मुख्यत: श्री वेद प्रकाश काम्बोज के और राजेश में जनप्रिय ओम प्रकाश शर्मा जी के उपन्यास निकलते थे। इसके अलावालाला श्री सत्यपाल वार्ष्णेय ने एक फिल्मी मैगजीन —‘फिल्म अप्सरा’ भी निकली थी, जोकि बेहद मशहूर हुई। सुनहरे दौर के क्लासिक उपन्यासों को पुनः प्रकशन के उद्देश्य से नीलम जासूस ने दो शृंखलाएँ “सत्य-वेद” और “सत्य-ओम’ शुरू की हैं।