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Dhoop Mein Nange Paon

by Swayam Prakash
Original price ₹ 395.00
Current price ₹ 355.00
Binding
Product Description

सुपरिचित कहानीकार स्वयं प्रकाश का यह कथेतर, धूप में नंगे पाँव पारम्परिक विधाओं के साँचों को तोड़ता है। कहीं तो यह यात्रा-वृत है, तो कहीं डायरी, कहीं संस्मरण और फिर पढ़ते हुए इसमें कहीं आत्मकथा की झलक भी मिलती है जिसमें पाठकों को विविधता का एक जीवंत संसार मिलता है। धूप में नंगे पाँव को कहानीकार की कार्यशाला की एक झाँकी भी कहा जा सकता है जहाँ स्वयं प्रकाश का वह संसार है जो अब तक उनके लेखन में नहीं आया। किताब शुरू होती है जब वह नौकरी करने घर से निकले और खत्म वहाँ होती है जब वे सेवानिवृत्त होकर घर लौटते हैं। इस अवधि की गहमागहमी और कशमकश का पूरा लेखा-जोखा है इसमें कि कैसे जीवन की जद्दोजहद ने स्वयं प्रकाश का लेखक रूप गढ़ने में अहम भूमिका निभाई। स्वयं प्रकाश की पहचान मूलतः कहानीकार की है लेकिन उपन्यास, निबन्ध और नाटक की अन्य विधाओं में भी उन्होंने लिखा है। हिन्दी साहित्य में योगदान के लिए उन्हें अनेक सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है जिसमें उल्लेखनीय हैं-राजस्थान साहित्य अकादमी पुरस्कार, वनमाली स्मृति पुरस्कार और सुभद्रा कुमारी चौहान पुरस्कार।