BackBack
-10%

Hijrat Se Pahale

Vandana Rag (Author)

Rs 135.00 – Rs 270.00

PaperbackPaperback
HardcoverHardcover
Rs 150.00 Rs 135.00
Description
हिजरत से पहले सूक्ष्म अन्तर्दृष्टि और गहरे भावनात्मक प्रवाह की धनी कथाकार वंदना राग का यह नया कहानी-संग्रह उनके कथाकार की क्षमताओं के नए क्षितिजों से परिचित कराता है। परिपक्व भाषा-संस्कार और अपने पात्रों के माध्यम से अपने समय-समाज के स्याह-सफेद पर वयस्क दृष्टि डालते हुए वंदना राग अपनी कहानियों में जीवन की जिन विडम्बनाओं और छवियों को चिह्नित करती हैं, उनसे हम अपने समय के खाली स्थानों को समझ और पकड़ सकते हैं। वंदना राग के पात्र अपनी संश्लिष्टता और वैविध्य में अपने समकालीन सच्चाइयों को इतने विश्वसनीय ढंग से उजागर करते हैं कि उनकी कहानियाँ अपने समय की समीक्षा करती नजर आती हैं। जिये हुए और जिये जा रहे अपने वक्त का साक्ष्य उनकी भाषा में भी दिखाई देता है जो सिर्फ कहानी को बयान नहीं करती, उसकी अन्तर्ध्वनियों को चिह्नित भी करती जाती हैं। इस संग्रह में शामिल दसों कहानियां इस तथ्य की साक्षी हैं कि हिन्दी की युवा कहानी अपने कथ्य के जरिये अपने वक्त को जितनी गम्भीरता से पकड़ने की कोशिश कर रही है, वह उल्लेखनीय है, और वंदना राग ने इस परिदृश्य में अपनी सतत और रचनात्मक उपस्थिति से बार-बार भरोसा जगाया है। संग्रह में शामिल 'विरासत’, 'क्रिसमस कैरोल’, 'मोनिका फिर याद आई’ और 'हिजरत से पहले’ जैसी कहानियाँ पाठकों को लम्बे समय तक याद रहेंगी।
View Condition Chart of Books

Almost New: These are books which have been read previously or are excess stock from bookshops and publishers. 

Good: These are the books which have have been sourced from book lovers and are in very good condition. They may have signs of ageing but will be in pretty good condition. 

Readable: These books may be old and have visible wear and tear signs.

Learn more about our condition criteria here.