Skip to content
IMPORTANT - you may experience delays in delivery due to lockdown & curfew restrictions. We request you to please bear with us in this extremely challenging situation.
IMPORTANT - you may experience delays in delivery due to lockdown & curfew restrictions. We request you to please bear with us in this extremely challenging situation.

HINDU

by Sharankumar Limbale
Save Rs 9.00
Original price Rs 125.00
Current price Rs 116.00
Add Rs 500.00 or more in your cart to get Free Delivery
Binding

वरिष्ठ रचनाकार प्रो. नरेंद्र कोहली ने कहा कि इस पुस्तक की विषयसूची देखकर ही मैं अंदर की सामग्री समझ गया था क्योंकि अपने दीर्धकालीन लेखन में यही झेलता आया हूँ। इस किताब में दर्ज कई लेखकों के नाम भी मैं नहीं जानता क्योंकि मैं उनके समाज का अंग ही नहीं हूँ। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद ने कहा था कि साहित्य राजनीति की मशाल है पर आज तक किसी प्रधानमंत्री ने प्रेमचंद का अनुसरण नहीं किया। अक्सर साहत्यिकार ही नेताओं से लाभ लेने के चक्कर में उनकी हाज़िरी बजाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि लेखक वह है जो अपनी अभिव्यक्ति को नहीं रोके। जैसे कोई स्त्री अपने प्रसव को नहीं रोक सकती, सच्चा लेखक अपनी अभिव्यक्ति को नहीं रोक सकता। संसार में किसी भी तरह की कट्टरता की जगह नहीं है। अनंत विजय ने यह पुस्तक लिखने की हिम्मत दिखाई, उसे साधुवाद लेकिन यह मार्क्सवाद का अर्द्धसत्य नहीं, पूर्ण सत्य है।

Customer Reviews

No reviews yet
0%
(0)
0%
(0)
0%
(0)
0%
(0)
0%
(0)