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Khalji Kaleen Bharat

by Saiyad Athar Abbas Rizvi
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Binding
  • Language: Hindi
  • Pages: 221
  • ISBN: 9788126709519
  • Category: History
प्रस्तुत ग्रन्थ ख़लजी बादशाहों के, समय के लिहाज से अल्प किन्तु महत्त्व की दृष्टि से अत्यन्त आवश्यक शासनकाल (1290-1320 ई.) से सम्बन्धित है। डॉ. अतहर अब्बास रिजश्वी ने इस पुस्तक में जिन तत्कालीन ग्रन्थों के परम आवश्यक उद्धरणों का समावेश किया है उनमें हैं - जिश्याउद्दीन बरनी की तारीख़े फ़ीरोजश्शाही, अमीर ख़ुसरो के पाँच ऐतिहासिक ग्रन्थ (मिफ़ताहुल फ़ुतूह, ख़जशइनुल फ़ुतूह, दिवलरानी खि़ज्र ख़ानी, नुह सिपेहर और तुगश्लक़नामा), साथ ही मुहम्मद बिन तुगश्लक़ की मृत्यु से कुछ ही पहले लिखने वाले एसामी की फ़ुतूहुस्सलातीन। इब्ने बतूता की यात्रा के उल्लेख से भी ख़लज़ी वंश से सम्बन्धित उद्धरण दिए गए हैं। कुछ काल पीछे के लिखे हुए तीन अन्य ग्रन्थों का भी समावेश इसलिए कर लिया गया है कि जिन मूल ग्रन्थों के आधार पर वे लिखे गए हैं उन के अप्राप्य हो जाने के कारण उनकी अहमियत बढ़ गई है। ये ग्रन्थ हैं यहया बिन अहमद का तारीख़े मुबारक शाही, अबुल क़ासिम हिन्दू शाह फरिश्ता अस्तराबादी का गुलशने इब्राहीमी, जिसकी प्रसिद्धि तीरीखे़ फ़रिश्ता के नाम से है, और जफ़रुलवालेह के नाम से प्रचलित अरबी में लिखा हुआ गुजरात का इतिहास। विद्वान अनुवादक ने इन ग्रन्थों का आलोचनात्मक विवेचन किया है जिसके चलते यह पुस्तक इतिहासज्ञों के साथ- साथ सामान्य पाठकों के लिए भी सुग्राह्य हो गई है।