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Mitramilan Tatha Anya Kahaniyan

by Amarkant
₹ 95.00
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Product Description
'जिन्दगी और जोंक', 'देश के लोग' और 'मौत का नगर' के बाद 'मित्र-मिलन' अमरकांत की नयी कहानियों का संकलन है । ये कहानियाँ न केवल इतिहास की विसंगतियों और असफलताओं पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त करती हैं, बल्कि यथा-स्थितिवाद का कोहरा हटा कर हमारे दृष्टिकोण को बदलती हैं, और हमें मनुष्य के अधिक निकट ले जाती हैं । इन कहानियों में बदलाव की व्याकुलता है, प्रगतिशील जीवन दृष्टि के प्रति आस्था हैं । अमरकांत भारतीय निम्न मध्यवर्गीय मनुष्य की भावनाओं को जितना समझते हैं उतना ही उसके अन्तर्विरोधों पर व्यंग्य करते हैं । 'फर्क' हो या 'शक्तिशाली मैत्री' हो या 'मित्र-मिलन', वास्तविकता का इतना आत्मीय अंकन अन्यत्र दुर्लभ है । विश्वनाथ त्रिपाठी का यह कथन सार्थक है कि अमरकांत का रचना संसार महान् रचनाकारों के रचना संसारों जैसा विश्वसनीय है । उस विश्वसनीयता का कारण है स्थितियों का अचूक चित्रण जिससे व्यंग्य और मार्मिकता का जन्म होता है । वास्तव में प्रेमचंद के बाद जीवन की इतनी गहरी पकड़ अमरकांत में ही मिलती है ।