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Oak Mein Boondein

by Jabir Hussain
₹ 299.00
Binding
Product Description
जाबिर हुसेन को कथा डायरियाँ अपने समय की बेरहमी से रू-ब-रू कराती हैं । सच्चाई की परतें खोलती हैं । उसी प्रकार,उनकी कविताएँ भी समाज की विसंगतियों से तकरार करती हैं। वो अपने कथ्य, लहजे और डिक्शन से पाठकों को सम्मोहित करने की कोशिश नहीं करते । उनकी तहरीरों में वर्तमान समय अपनी बारीकियों के साथ उभरता है । लेकिन, वो इसे किसी कटुता के दबाब से गम्भीर नहीं बनाते। सहजता उनकी कविताओं की वास्तविक पहचान है । ओक की बूँदें उनका चौथा काव्य-संग्रह है । एक प्रकार से, यह संग्रह हाल ही में प्रकाशित उनकी काव्य-पुस्तक कातर आँखों ने देखा का सृजनात्मक विस्तार है । जाबिर हुसेन कविताओं में अपने दीर्घ सामाजिक सरोकारों के प्रति सम्मान का जो सूक्ष्म और मर्मस्पर्शी अहसास भरते हैं, वो बेहद अनोखा है । वर्तमान संग्रह को कविताएँ इस कथन पर मुहर लगाती हैं ।