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Pagdandiyon Ka Zamana

by Harishankar Parsai
Original price ₹ 150.00
Current price ₹ 139.00
Binding
Product Description
इस पुस्तक में हिन्दी के सबसे सशक्त और लोकप्रिय व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई के लगभग दो दर्जन निबन्ध संगृहीत हैं। प्रायः सभी निबन्ध ‘नई कहानियाँ’, ‘धर्मयुग’, ‘ज्ञानोदय’ आदि प्रमुख पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। ‘पगडंडियों का ज़माना’ शीर्षक निबन्ध, जिसके आधार पर पूरी पुस्तक का नामकरण किया गया है, आज के इस ज्वलन्त सत्य को उद्घाटित करता है कि सभी लोग किसी-न-किसी तरह ‘शॉर्टकट’ के चक्कर में हैं। इस तरह इस पुस्तक का हर निबन्ध आज की वास्तविकता के किसी-न-किसी पक्ष पर चुटीला व्यंग्य करता है। परसाई के लेखन की यह विशेषता है कि वे केवल विनोद या परिहास के लिए नहीं लिखते। उनका सारा लेखन सोद्देश्य है और सभी रचनाओं के पीछे एक साफ-सुलझी हुई वैज्ञानिक जीवन-दृष्टि है जो समाज में फैले हुए भ्रष्टाचार, ढोंग, अवसरवादिता, अन्धविश्वास, साम्प्रदायिकता आदि कुप्रवृत्तियों पर तेज रोशनी डालने के लिए हर समय सतर्क रहती है। कहने का ढंग चाहे जितना हल्का-फुल्का हो, किन्तु हर निबन्ध आज की जटिल परिस्थितियों को समझने के लिए एक अन्तर्दृष्टि प्रदान करता है। इसलिए जो आज की सचाई को जानने में रुचि रखते हैं उनके लिए यह पुस्तक संग्रहणीय है।