Skip to content
Due to government restrictions around COVID-19, you may experience delays in delivery. We regret the inconvenience and request you to please bear with us in this extremely challenging situation.
Due to government restrictions around COVID-19, you may experience delays in delivery. We regret the inconvenience and request you to please bear with us in this extremely challenging situation.

Pratinidhi Kahaniyan : Bhishm Sahni

by Bhisham Sahni
Save Rs 19.00
Original price Rs 195.00
Current price Rs 176.00
Add Rs 500.00 or more in your cart to get Free Delivery
Binding
भीष्म साहनी के कथा-साहित्य से गुजरना अपने समय को बेधते हुए गुजरना है । हिंदी के प्रगतिशील कहानीकारों में उनका स्थान बहुत ऊँचा है । यहाँ उनके साथ कहानी-संग्रहों से प्राय: सभी प्रतिनिधि कहानियों को संकलित कर लिया गया है । युग-सापेक्ष सामाजिक यथार्थ, मूल्यपरक अर्थवत्ता और रचनात्मक सादगी इन कहानियों के कुछ ऐसे पहलू हैं, जो हमारे लिए किसी भी काल्पनिक और मनोरंजक दुनिया को गैरजरूरी ठहराते हैं । विभिन्न जीवन-स्थितियों में पड़े इनके असंख्य पात्र आधुनिक भारतीय समाज की अनेक जटिल परतों को पाठकों पर खोलते हैं । उनकी बुराइयाँ, उनका अज्ञान और उनके हालत व्यक्तिगत नहीं, सार्वजनीन और व्यवस्थाजन्य हैं । इसके साथ ही इन कहानियों में ऐसे चरित्रों की भी कमी नहीं, जो गहन मानवीय संवेदना से भरे हुए हैं और अपने-अपने यथास्थितिवाद से उबरते हुए एक सार्थक सामाजिक बदलाव के लिए संघर्षरत शक्तियों से जुड़कर नया अर्थ ग्रहण करते हैं, । वे न तो अपनी भयावह और दारुण दशा से आक्रांत होते हैं, न निराश, बल्कि अपने साथ-साथ पाठकों को भी संघर्ष की एक नई उर्जा से भर जाते हैं ।