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Pratinidhi Kahaniyan : Rajendra Singh Bedi

by Rajendar Singh Bedi
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तरक्की पसंद उर्दू कथाकारों में राजेन्द्रसिंह बेदी का नाम अत्यंत आदर के साथ लिया जाता है ! उनकी रचनाओ की संख्या कम जरूर है लेकिन जमीन बहुत बड़ी है ! इस संग्रह में उनकी प्राय सभी महत्त्वपूर्ण कहानियां शामिल हैं ! इनसे जो सच्चिया उजागार हुई हैं, वे जिंदगी को मात्र जी लेने से नहीं, उसमें कुछ तलाशने से ही संभव हैं ! कहानी कहने के लिए बेदी के पास न तो बना-बनाया कोई सांचा है, न ही बुद्धिजीवी किस्म का कोई पूर्वग्रह ! यही कारण है कि इन कहानियों से गुजरते हुए हमारी अपनी संजीदगी बेदी की संजीदगी से एकमेक हो उठती है ! उनकी अनुभवों की सच्चाई एक कलात्मक व्यवस्था के तहत हमारे भीतर उतर जाती है और शैली का संयम तथा भाषा की नजाकत हमें मुग्ध कर लेते हैं ! अपनी कहानियों की नारी को बेदी ने रूह तक जानने और रचने की कोशिश की है ! इसलिए कल्याणी, लाजवंती, कीर्ति और इंदु जैसे जिवंत नारी-चरित्र पाठकों के दिलो-दिमाग पर सदा-सदा के लिए नक्श हो जाने की क्षमता से परिपूर्ण हैं !