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Purano Ke Mithak Prasang Aur Unki Vaijyanikta

by Parshuram Thakur Brahmavadi

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Description

Author: Parshuram Thakur Brahmavadi

Languages: Hindi

Number Of Pages: 336

Binding: Hardcover

Release Date: 01-12-2016

Details: प्रस्तुत पुस्तक में लेखक ने यह साबित करने का प्रयास किया है कि वेद पुराणों की बातें काल्पित न होकर पूर्णतः वैज्ञानिक है। लेखक ने विभिन्न तरह के मिथक प्रसंगों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण डालते हुए विद्वानो का ध्यान इस ओर आर्कषित किया है और मानव विकास की अब तक चली आ रही मान्यताओं पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। पुराणों में अद्र्वनारीश्वर अवतार, मत्स्य अवतार, हयग्रीव अवतार, क्रूर्मावतार, एवं वाराह अवतार के अलावा विभिन्न तरह के पशु पक्षियों के विभिन्न रुप ढंग के अवतारो की कथा मिथक नही बल्कि विभिन्न तरह के सृष्टि रहस्य को उजागर करनेवाला एक वैज्ञानिक इतिहास है। चैरासी लाख योनियों के अवतरण की पौराणिक कहानी जीव विकास के सिद्धांत पर आधारित प्रमाणिक तथ्य और सत्य से पूर्ण इतिहास है जो आज भी विज्ञान की कसौटी पर सही पाई गई है। इन प्राकृतिक रहस्यो को समझे बिना हम मूल भाषा मूल क्षेत्र की खोज नहीं कर सकतें। सृष्टि के इस रहस्य को वैज्ञानिक समझ सकते हैं कि जिस तरह से एक सात वर्ष की लडकी के सिर से बच्चा पैदा हो सकता है तो ब्रह्मा के कान से दिशा का प्रगट होना, युवनाश्च की कोख से मान्धाता का पैदा लेना, सुदुम्न का स्त्री हो जाना आदि बाते क्यों सत्य नहीं हो सकती? अतरू पुराण के मिथक प्रसंग को समझने के लिए वैज्ञानिक दृष्टि से खोज करना होगा। पुराण के मिथक प्रंसग ऐतिहासिक तथ्य और वैज्ञानिक सत्यता की कसौटी पर पूर्ण स्वस्थ कालजयी इतिहास की पहचान है।