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Rajkamal Brihat Hindi Shabdakosh

by पुष्प पल सिंह

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Description

Author: पुष्प पल सिंह

Languages: Hindi

Number Of Pages: 964

Binding: Paperback

Package Dimensions: 10.6 x 8.4 x 1.5 inches

Release Date: 25-07-2017

Details: Product Description इस कोश में प्रयास किया गया है कि पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री ही इसमें प्रस्तुत की जाए। सर्वप्रथम भारत सरकार, वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग द्वारा प्रस्तुत प्रशासनिक शब्दावली के उन बहुप्रयुक्त शब्दों के रूप दिए गए हैं जो अनुवाद, पत्रकारिता आदि क्षेत्रों के पाठकों के लिए उपयोगी सिद्घ हो सकें। इस शब्दावली में वहाँ संशोधन प्रस्तुत किए गए हैं, जहाँ उनके बेहतर सरल, सुग्राह्य विकल्प हो सकते हैं। कुछ पारिभाषिक शब्दों को समय ने अस्वीकार कर उनके विकल्प प्रस्तुत कर दिए हैं, कुछ के अंग्रेज़ी रूप यथावत् या किंचित् रूपान्तर के साथ स्वीकार कर लिये गए हैं। कार्यालयी टिप्पण—'नोटिंगÓ—से सम्बन्धित शब्दावली, वाक्यांश, अभिव्यक्तियाँ भी आवश्यक संशोधनों के साथ प्रस्तुत की जा रही हैं। बैंक और बैंकिंग-व्यवस्था हमारे जीवन में अत्यन्त निकट व्यवहार में है। इसीलिए बैंकिंग शब्दावली तथा बैंकिंग क्षेत्र के हिन्दी पद्नाम (डेज़ीनेशनल टर्म्स) भी यहाँ दिए जा रहे हैं। विलोम शब्दों की सूची भी प्रस्तुत की जा रही है जिसकी आवश्यकता प्राय: पड़ती रहती है। अन्तरराष्ट्रीय कैलेंडर के महीनों और सप्ताह के दिनों के नामों का उद्भव इस कोश में प्रथम बार दिया जा रहा है। भारत-रत्न सम्मान, ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्तकर्ता हिन्दी साहित्यकार तथा साहित्य अकादमी हिन्दी पुरस्कारों की सूची भी यहाँ दी जा रही है। विश्वास है कि यह सामग्री पाठकों के लिए उपादेय सिद्ध होगी। About the Author पुष्‍पपाल सिंह जन्म : 4 नवम्बर, 1941, भदस्याना (मेरठ, उ.प्र.) शिक्षा : कलकत्ता विश्वविद्यालय, कलकत्ता से डी.फिल., जम्मू विश्वविद्यालय, जम्मू से डी.लिट्., पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला से हिन्दी विभाग के प्रोफेसर तथा अध्यक्ष के रूप में सेवा निवृत्ति। प्रमुख समीक्षा-ग्रन्थ : आधुनिक हिन्दी कविता में महाभारत के कुछ पात्र, काव्य-मिथक, आधुनिक हिन्दी साहित्य : विकास के विविध सोपान, कमलेश्वर : कहानी का सन्दर्भ, समकालीन कहानी : युगबोध का सन्दर्भ, समकालीन कहानी : रचना-मुद्रा, समकालीन कहानी : सोच और समझ, समकालीन हिन्दी कहानी, बीसवीं शती कृष्ण कथा-काव्य, हिन्दी कहानी : विश्वकोश (प्रथम खंड), कबीर ग्रन्थावली सटीक, भ्रमरगीत सार : समीक्षा और व्याख्या, हिन्दी गद्य : इधर की उपलब्धियाँ, समकालीन कहानी : नया परिप्रेक्ष्य, भूमंडलीकरण और हिन्दी उपन्यास, वैश्विक गाँव और आम आदमी, हिन्दी कहानीकार कमलेश्वर : पुनर्मूल्यांकन, कहानी का उत्तर समय : सृजन-सन्दर्भ, रवीन्द्रनाथ त्यागी-विनिबन्ध। सर्जनात्मक कृति : तारी$ख का इन्तज़ार (कहानी-संग्रह), जुग बीते, युग आए। प्रमुख सम्पादन : हिन्दी की क्लासिक कहानियाँ : छह खंड ; 'सुनीता जैन समग्रÓ : 14 खंड ; भारतीय साहित्य के स्वर्णाक्षर : प्रेमचन्द ; जयशंकर प्रसाद ; हिन्दी का प्रथम उपन्यास : देवरानी जेठानी की कहानी। अनुवाद-कार्य : समकालीन पंजाबी प्रतिनिधि कहानियाँ, 'सरबत दा भलाÓ, करतार सिंह दुग्गल के पंजाबी उपन्यास का अनुवाद। प्रमुख अलंकरण : 'साहित्य-भूषणÓ (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान); आचार्य रामचंद्र शुक्ल पुरस्कार (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान); शिरोमणि साहित्यकार पुरस्कार (पंजाब सरकार, भाषा विभाग) । निधन : 29 अगस्त, 2015.