Skip to content
Limited Offer on Deewan e Meer & Rashmirathi Use coupon Code Sale20 Now!!!
Limited Offer on Deewan e Meer & Rashmirathi Use coupon Code Sale20 Now!!!

Sampurna Kahaniyan : Shivani : Vols. 1-2

by Shivani
Original price ₹ 900.00
Current price ₹ 820.00
Binding
Product Description
हिंदी रचना-परंपरा में ऐसे कम ही लेखक हुए हैं जो साहित्यिक तथा रचनात्मक मूल्यों की स्थापना तथा रक्षा करते हुए जनसाधारण की दैनंदिन रूचि का हिस्सा बनने में भी सफल हुए । विभिन्न कारणों से गंभीर और लोकप्रिय की जो धाराएँ हिंदी समाज में सामानांतर बहती रही हैं, कम ही लेखक उनके ऊपर पुल बाँध पाए; और जो ऐसा कर सके उनमें अग्रणी नाम है-गौर पन्त 'शिवानी' । साहित्य-जगत में केवल शिवानी के नाम से ख्यात इस लेखिका ने अपनी कहानियों को एक ऐसे दरवाजे की तरह खड़ा किया जिसमें प्रवेश का आकर्षण साधारण मध्यवर्गीय पाठकों को अंततः साहित्य के दुर्गम प्रदेशों तक ले गया । उन्होंने अपनी लेखनी के बल पर पाठकों को साहित्य की सत्ता के प्रति उन्मुख और उत्सुक किया । भारतीयता यानी भारत के सांस्कृतिक-सामाजिक बिम्बों के वाहक मध्यवर्गीय हिंदी समाज के भीतरी प्रश्नों, अकुलाहटों, आकांक्षाओं और आशा-निराशाओं को शिवानी ने अपनी कहानियों के कलेवर में इस तरह साधा कि तत्कालीन समाज उसमें अपना पूरा-पूरा अक्स देख पाया । शिवानी की कथा-प्रतिभा को इसलिए भी एक संस्था की तरह देखा जा सकता है कि उन्होंने साहित्य में माँ-रंजन के तत्व को एक उर्ध्वमुखी तथा नवोन्मेषकारी व्यस्तता के सूप में स्थापित किया, और अपने रचनात्मक उदम से इस अन्धविश्वास को आधारहीन कर दिया कि मनोरंजक साहित्य समाज का नैतिक और वैचारिक उत्थान नहीं कर सकता । इस पुस्तक के डॉ खंडो में संकलित शिवानी का सम्पूर्ण कथा-संसार पाठको को पात्रों, स्थितियों, स्वप्नों, संघर्षों, विडम्बनाओं और प्रसन्नताओं की ऐसी विराट और लगभग अनंत दुनिया से परिचित कराएगा जिसमें हमारी आज की जिंदगी के विस्तार भी दिखाई देते हैं । इस खंड में 37 कहानियां संकलित हैं जिनमें उनकी 'लाल हवेली', 'विप्रलब्धा' और 'अपराधी कौन' जैसी चर्चित रचनाएँ शामिल हैं ।