Skip to content
Due to government restrictions around COVID-19, we will start dispatching all pending orders from 23rd May 2021. We regret the inconvenience and request you to please bear with us in this extremely challenging situation. For any other query please email us at helpdesk@urdubazaar.in
Due to government restrictions around COVID-19, we will start dispacthing all pending orders from 23rd May 2021. We regret the inconvenience and request you to please bear with us in this extremely challenging situation. For any other query please email us at helpdesk@urdubazaar.in

Sobti Ek Sohbat

by Krishna Sobti
Save Rs 101.00
Original price Rs 800.00
Current price Rs 699.00
Add Rs 500.00 or more in your cart to get Free Delivery
Binding
हिंदी साहित्य के समकालीन परिदृश्य पर कृष्णा सोबती एक विशिष्ट रचनाकार के रूप में समादृत हैं । यह कृति उनके बहुचर्चित कथा-साहित्य, संस्मरणों, रेखाचित्रों, साक्षात्कारों और कविताओं से एक चयन है । उनके कुछ विचारोत्तेजक निबंधों को भी इसमें रखा गया है । इसके साथ ही 'जिंदगीनामा 2 ' से कुछ महत्त्वपूर्ण अंश भी इसमें शामिल हैं, जिसे वे अभी लिख रही हैं । उल्लेखनीय है कि अपनी विभिन्न कथाकृतियों के माध्यम से कृष्णा सोबती ने संस्कृति, संवेदना और भाषा-शिल्प की दृष्टि से हिंदी साहित्य को एक नई व्यापकता प्रदान की है । इस संदर्भ में उनकी इस मान्यता से सहमत हुआ जा सकता है कि हिंदी अगर किसी प्रदेश-विशेष या धर्म-वर्ग की भाषा नहीं है तो उसे अपने संस्कार को व्यापक बनाना होगा । वस्तुत: उन्होंने बने-बनाए साँचे, चौखटे और चौहद्‌दियाँ हर स्तर पर अस्वीकार की हैं त था रचना के साथ-साथ स्वयं भी एक नया जन्म लिया है । उनके लिए रचनाकार की ही तरह रचना भी एक जीवित सच्चाई है; उसकी भी एक स्वायत्तता है । उन्हीं के शब्दों में कहें तो 'रचना न बाहर की प्रेरणा से उपजती है, न केवल रचनाकार के मानसिक दबाव और तनाव से । रचना और रचनाकार-दोनों अपनी-अपनी स्वतंत्र सत्ता में एक-दूसरे का अतिक्रमण करते हैं और एक हो जाते हैं । इसी के साथ लेखक पर रचना की शर्तें लागू हो जाती हैं और रचना पर लेखकीय संयम और अनुशासन ।' कहना न होगा कि यह एक ऐसी कृति है जो न सिर्फ एक लेखक की बहुआयामी रचनाशीलता को समझने का अवसर जुटाती है बल्कि समकालीन रचनात्मकता से जुड़े अनेक सवालों को भी हमारी चिंताओं में शामिल करती है ।