Skip to content

Tedhi Lakeer

by Ismat Chugtai
Save Rs 26.00
Original price Rs 395.00
Current price Rs 369.00
Add Rs 500.00 or more in your cart to get Free Delivery
Binding
इस्मत चुग़ताई का यह उपन्यास कई अर्थों में बहुत महत्त्व रखता है । पहला तो ये कि यह उपन्यास इस्मत के और सभी उपन्यासों में सबसे सशक्त है । दूसरे, इस्मत को क़रीब से जानने वाले, इसे उनकी आपबीती भी मानते हैं । स्वयं इस्मत चुग़ताई ने भी इस बात को माना है । वह स्वयं लिखती हैं ‘‘कुछ लोगों ने ये भी कहा कि टेढ़ी लकीर मेरी आपबीती हैµमुझे खु़द आपबीती लगती है । मैंने इस नाविल को लिखते वक़्त बहुत कुछ महसूस किया है । मैंने शम्मन के दिल में उतरने की कोशिश की है, इसके साथ आँसू बहाए हैं और क़हक़हे लगाए हैं । इसकी कमज़ोरियों से जल भी उठी हूँ । इसकी हिम्मत की दाद भी दी है । इसकी नादानियों पर रहम भी आया है, और शरारतों पर प्यार भी आया है । इसके इश्क–मुहब्बत के कारनामों पर चटखारे भी लिए हैं, और हसरतों पर दु:ख भी हुआ है । ऐसी हालत में अगर मैं कहूँ कि मेरी आपबीती है तो कुछ ज़्यादा मुबालग़ा तो नहीं–––’’ टेढ़ी लकीर एक किरदारी उपन्यास है जैसे उमरावजान अदा । टेढ़ी लकीर की कहानी शम्मन के इर्द–गिर्द घूमती नज़र आती है । शम्मन को चूँकि अच्छा माहौल और अच्छी तरबीयत नहीं मिली, इसी वजह से उसके अंदर इतना टेढ़ापन पैदा हो गया जहाँ उसकी नज़र में मुहब्बत मुहब्बत नहीं रही, रिश्ते रिश्ते नहीं रहे, जीवन जीवन नहीं रहा । सबकुछ मज़ाक़ बनकर रह गया । शम्मन के किरदार का विश्लेषण किया जाए तो वह मनोविकारों का गुलदस्ता नज़र आएगी । इस किरदार के बारे में इस्मत ने एक इंटरव्यू में कहा था ‘‘–––ये नाविल जब मैंने लिखा तो बहुत बीमार थी, घर में पड़ी रहा करती थी । इस नाविल की हिरोइन ‘शम्मन’ क़रीब–क़रीब मैं ही हूँ । बहुत–सी बातें इसमें मेरी हैं । वैसे आठ–दस लड़कियों को मैंने इस किरदार में जमा किया है, और एक लड़की को ऊपर से डाल दिया है । जो मैं हूँ । इस नाविल के हिस्सों के बारे में मैं सिर्फ़ इतना बता सकती हूँ कि कौन–से हिस्से मेरे हैं और कौन–से दूसरों के !–––’’ इस उपन्यास को इस्मत चुग़ताई ने उन यतीम बच्चों के नाम समर्पित किया है जिनके अभिभावक जीवित हैं । दरअसल यह व्यंग्य है उन माता–पिताओं पर जो बच्चे तो पैदा कर लेते हैं पर पालन–पोषण ठीक से नहीं करते । इन्हीं कारणों से यह उपन्यास उर्दू भाषा में जितना लोकप्रिय हुआ, उम्मीद है हिंदी के पाठकों में भी लोकप्रिय होगा ।