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Television Lekhan

Asghar Wajahat (Author)

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Description
उपन्यासकारों और कहानीकारों के लिए फिल्म व् टेलीविज़न जैसे अभिव्यक्ति के सशक्त माध्यमों के लिए लेखन-कार्य चुनौतीपूर्ण रहा है | उपन्यास और कहानी से सम्पृक्ति बनाए रखने के बावजूद पटकथा लेखन थोडा अलग है | यहाँ 'दो आँखों को चार' बनाने की जरुरत पड़ती है | रचनात्मक प्रतिभा, बुनियादी जानकारी, अभ्यास और अनुशासन ही सफल पटकथा का राज है | यह पुस्तक विषयगत प्राथमिक जानकारियां देने के साथ उक्त सभी गुर बनाती है और प्रेरित भी करती है | टेलीविज़न लेखन में व्यावहारिक पक्षों को सोदाहरण मित्रवत शिक्षक की तरह समझाया गया है | पुस्तक हमें बताती है कि बुद्धि, विचार, संवेदना तथा प्रतिक्रिया को किस तरह गुंफित कर उसे 'विजुलाइज' करना है | यहाँ पृष्ठभूमि सम्बंधित तमाम वांछित जानकारियां हैं | टेलीविज़न लेखन की संरचना और उसके निर्माण की सभी प्रविधियों के उल्लेख के साथ महत्त्पूर्ण और चर्चित पटकथाओं के अंश भी दिए गए हैं | जिनकी पटकथाएँ आज मानक की हैसियत अख्तियार कर चुकी हैं, ऐसे नामचीन पटकथा लेखकों-कमलेश्वर, मनोहरश्याम जोश, अशोक चक्रधर और अरुण प्रकाश से लिए गया साक्षात्कार विषयगत कई बारीकियाँ खोलता है | अंत में दी गई तकनीकी शब्दावली पुस्तक को महत्त्पूर्ण बनाती है |
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