BackBack

Tera Sangi Koi Nahin

by Mithileshwar

PaperbackPaperback
HardcoverHardcover
Rs 200.00 Rs 180.00
Description
कृषक जीवन की बुनियादी संरचना के तहत कृषि के निरंतर उपेक्षित, अभावव्यस्त और परेशानीपूर्ण बनते जाने के कारणों का राईं-रक्स उजागर करता यह उपन्यास कृषक जीवन, कृषक समाज और कृषि समस्या का जीवंत विश्लेषण प्रस्तुत करता है । खेत मज़दूरों को ही किसान मान कर उन पर आधारित रचनाओं से पृथक एक मध्यवर्गीय किसान की त्रासद कथा के माध्यम से इस उपन्यास ने सही अर्थों में प्रतिनिधि कृषक चरित्र तथा कृषि जीवन से सम्बन्धित वास्तविक समस्याओं को न सिर्फ चिन्हित किया है, बल्कि उन्हें जानने-समझने और एक सही अंजाम तक पहुँचाने के लिए सार्थक जमीन भी मुहैया करायी है । 'तैरा संगी कोई नहीं’ कृषक जीवन, कृषक समाज और कृषि से सम्बन्धित समस्याओँ की सूक्ष्मता, बेबाकी और जमीनी सार पर पड़ताल करने वाला विलक्षण उपन्यास हैं |