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TUM PAHLE KYON NAHI AAYE

by Kailash Satyarthi

Rs 299.00 Rs 249.00 Save ₹50.00 (17%)

Description

Author: Kailash Satyarthi

Languages: hindi

Number Of Pages: 248

Binding: Paperback

Package Dimensions: 8.7 x 5.7 x 0.6 inches

Release Date: 22-11-2022

यह किताब क्यों खरीदें ?
‘तुम पहले क्‍यों नहीं आए’ में वैसे कुछ बच्‍चों की सच्‍ची कहानियाँ हैं, जो खतरनाक परिस्थितियों में धकेल दिए गए थे। लेकिन कैलास सत्‍यार्थी के नेतृत्‍व में किए गए सजग प्रयासों से उन्‍हें उन परिस्थितियों से उबरने और बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला। बाद में, बड़े होने पर, उन बच्‍चों ने भी गुलामी में पड़े बच्‍चों का उबारने के लिए किए जा रहे कार्यों में उल्‍लेखनीय भूमिका निभाई।
लेखक के बारे में कैलाश सत्यार्थी कैलाश सत्यार्थी का जन्म 11 जनवरी, 1954 को विदिशा, मध्य प्रदेश में हुआ। उन्होंने भोपाल विश्वविद्यालय (अब बरकतुल्ला विश्वविद्यालय) से बी.ई. और उसके बाद ट्रांसफ़ॉर्मर डिज़ाइन में मास्टर्स डिप्लोमा किया। किशोरावस्था से ही सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध मुखर रहे। छुआछूत, बाल विवाह आदि के ख़िलाफ़ अभियान चलाया। उनकी अगुआई में 1981 से अब तक, सवा लाख से अधिक बच्चे बाल मज़दूरी और ग़ुलामी से मुक्त कराए जा चुके हैं। इस क्रम में छापामार कार्रवाइयों के दौरान कई बार जानलेवा हमले भी झेले। 1998 में ‘बालश्रम विरोधी विश्वयात्रा’ का आयोजन किया जो 103 देशों से होकर गुज़री और लगभग छह महीने चली। परिणामस्वरूप ख़तरनाक क़िस्म की बाल- मज़दूरी रोकने के लिए अन्तरराष्ट्रीय क़ानून बना जिसे सभी राष्ट्र लागू कर चुके हैं। विश्वभर के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए 1999 में ‘ग्लोबल कैंपेन फ़ॉर एजुकेशन’ की शुरुआत की।