Skip to content
IMPORTANT - you may experience delays in delivery due to lockdown & curfew restrictions. We request you to please bear with us in this extremely challenging situation.
IMPORTANT - you may experience delays in delivery due to lockdown & curfew restrictions. We request you to please bear with us in this extremely challenging situation.

Urja Vigyan Ki Khani

by Dr R K Nambian
Save Rs 15.00
Original price Rs 200.00
Current price Rs 185.00
Add Rs 500.00 or more in your cart to get Free Delivery
Binding
लोकोपयोगी विज्ञान विश्वकोश माला की यह प्रस्तुति विज्ञान (और्जिकी) से संदर्भित है। इसके मूल लेखक ताप भौतिक एवं ऊर्जा विज्ञान के रूसी विद्वान ब्लादीमिर किरीसिन हैं। आदिमानव ने जब पत्थर से पत्थर रगड़कर पहले-पहल आग का आविष्कार किया तब उसे क्या पता था कि आग के बहाने वह एक ऐसी अदृश्य शक्ति का आविष्कार कर रहा है जिसे लाखों वर्ष बाद ऊर्जा के नाम से जाना जाएगा और ऊर्जा विज्ञान नाम से उसका एक विज्ञान विकसित होगा। यह दीगर बात है कि तार्किक रूप से अविकसित आदि मानव को उस अदृश्य शक्ति ऊर्जा की जानकारी नहीं थी, लेकिन ऊर्जा ने अपना काम उसी दिन शुरू कर दिया था।

Customer Reviews

No reviews yet
0%
(0)
0%
(0)
0%
(0)
0%
(0)
0%
(0)