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Description

Author: Dr. Jitendra Kumar Soni

Languages: Hindi

Number Of Pages: 112

Binding: Perfect Paperback

Package Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.5 inches

Release Date: 18-12-2017

Details: डायरी का प्रमुख उद्देश्य आत्म विश्लेषण एवं आत्म विवेचन होता है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष जो स्वयं लिखने वाला होता है, का व्यक्तित्व प्रतिबिंबित होता है। यह अलग बात है कि दिनभर में जो व्यक्ति उसके साथ होते हैं या उनका प्रभाव पड़ता है या वह जिनके सम्पर्क में आता है, के बारे में भी उल्लेख होता है। इसमें लेखक घटनाओं का, प्रभावों का इस प्रकार वर्णन करता है कि पाठक सहज ही ग्राह्य कर लेता है और उसे लगता है कि यह सब कुछ मेरे साथ ही घटित हुआ है। डायरी का गद्य अलग तरह का गद्य होता है। इसमें कई विधाओं की आवाजाही एक साथ होती है। इसमें अपने अनुभव की आँच में नए लेखक का नाम भी सहज ही देखा जा सकता है। डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की यादावरी ऐसी ही पुस्तक है। इसमें 18 फरवरी, 2004 से 4 जून, 2017 की समयावधि में घटित उन तमाम घटनाओं, प्रसंगों तथा संदर्भों को डायरी के रूप में दर्ज किया गया है, जिन्होंने लेखक को मानसिक, संवेदनात्मक तथा रचनात्मक स्तर पर कहीं गहरे जाकर उद्वेलित किया है। डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की इस डायरी में चेहरे हैं, अनुभव हैं, स्मृतियाँ हैं, गाँव हैं, शहर हैं और इन सबके बीच लेखक स्वयं है। यादावरी असल में ऐसे ही चेहरों और अनुभव खण्डों से बनी है, जहाँ डी क्लास होकर ही जाया जा सकता है, खाली मस्तिष्क, आगा-पीछा किए बिना। डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने यही किया है। डायरी में कई अंश ऐसे हैं जहाँ लेखक स्वयं से रूबरू होता है। इनमें स्टेपलर, रिश्तों की गर्माहट वाली स्वेटरें प्रमुख हैं। इस पुस्तक को पढऩा अपने आप में एक अलग अनुभव है क्योंकि इसमें लेखक के अपने निजी नहीं बल्कि समूचे जीवन की अनुगूँजें सुनाई देती हैं।