BackBack

Yogigatha, Yogi Adityanath Ki Jivangatha

by Shantanu Gupta

Rs 200.00 Rs 180.00 Save ₹20.00 (10%)

Description

Author: Shantanu Gupta

Languages: Hindi

Number Of Pages: 168

Binding: Hardcover

Package Dimensions: 8.2 x 5.4 x 0.2 inches

Release Date: 01-12-2018

Details: Product Description यह जीवनी आपको अपने चार खंडों में योगी आदित्यनाथ के जीवन के चार पहलुओं से होकर ले जाती है। पुस्तक का आरंभ योगी के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के वर्तमान रूप, 2017 की उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति, यू.पी. का सी.एम. चुने जाने के तथ्यों और प तल (यू.पी. के सीएम का दफ्तर) से होता है। दूसरा खंड आपको योगी आदित्यनाथ के पाँच बार के सांसद के रूप में लंबे कार्यकाल, चुनावी जीत, संसद् में उनकी कुशल भागीदारी, उनके तथाकथित विवादित भाषणों की सच्चाई, br>लव-जिहाद की उनकी सोच के पीछे का तर्क, घर वापसी, हिंदू युवा वाहिनी और भाजपा के साथ उनके संबंध से परिचित कराता है। तीसरे खंड में लेखक अपने पाठकों को गोरखनाथ मठ के महंत अवेद्यनाथ, योगी आदित्यनाथ, उनकी कठोर यौगिक दिनचर्या, नाथ पंथ के गुरुओं और कई दशकों से मठ की सामाजिक-राजनीतिक सक्रियता से होकर ले जाते हैं। आखिरी खंड में लेखक अपने पाठकों को उत्तराखंड के इलाके में पले अजय सिंह बिष्ट के बचपन से जुड़ी कुछ बेहद दिलचस्प और उनके अपनों के मुझेहाँह से कही बातों के साथ छोड़ देते हैं, जो गायों, खेतों, पहाड़ों, नदियों के बीच पला-बढ़ा और आगे चलकर एक सांसद और मुख्यमंत्री बना।. About the Author शांतनु गुप्ता, युवाओं के एक प्रमुख संगठन ‘युवा फाउंडेशन’ के संस्थापक हैं, जो युवाओं के साथ, युवाओं के बीच नीति, राजनीति और सामाजिक विषयों पर जागरूकता फैलाने का काम कर रहे हैं। शांतनु भारत, स्विट्जरलैंड, साइप्रस, हंगरी और इजरायल के कई शहरों में एक दशक तक प्रक्रिया और प्रबंधन सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने अर्थव्यवस्था व नीति पर जर्मनी, मलेशिया और श्रीलंका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भारत का नेतृत्व किया है। शांतनु के पास जी.बी. पंत यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग, एक्स.एल. आर.आई., जमशेदपुर से प्रबंधन की डिग्री है और उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स (यूनाइटेड किंगडम) के इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज (आई.डी.एस.) से नीति और राजनीति में स्नातकोत्तर किया है। इससे पहले शांतनु ने तीन अन्य पुस्तकें लिखी हैं: एजुकेशन पॉलिसी इन इंडिया, वॉयस, चॉयस एंड इंसेंटिव्स (सीसीएस); कंपाइलेशन ऑफ प्राइम मिनिस्टर्स मन की बात (कपोत बुक्स) और उत्तर प्रदेश: विकास की प्रतीक्षा में (ब्लूम्सबरी)|.